चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर घटने के बाद प्रशासन ने राहत, सफाई और बिजली बहाली तेज कर दी। 3074 परिवारों को 1.58 करोड़ रुपये से अधिक सहायता स्वीकृत हुई, टीमें लगातार जुटी हैं।
मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ के हालात। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी 30 फीट उफान पर, बाणसागर डैम के गेट खुले। सीएम मोहन यादव ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। जानें ताजा अपडेट।
मध्यप्रदेश के सतना, चित्रकूट, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात। मंदाकिनी नदी उफान पर, पुल बहा, ट्रेनें प्रभावित और एसडीआरएफ का रेस्क्यू जारी।
चित्रकूट में बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर घटने लगा है। बाबूपुर में जलभराव की समस्या दूर की गई। प्रशासन ने पुल-रपटों से दूरी, जलभराव में सेल्फी रोकने और सुरक्षित रहने की अपील की।
सतना और चित्रकूट में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। चरवाहे के बहने की खबर से रेस्क्यू जारी है। गुप्त गोदावरी बंद कराई गई, जबकि करौंदी गांव में ग्रामीण जोखिम लेकर नदी पार कर रहे हैं।
चित्रकूट में पहली बारिश के दौरान गऊघाट के पास सीवर मैनहोल ओवरफ्लो हो गया। दूषित पानी मंदाकिनी नदी में पहुंचने से नदी संरक्षण, स्वच्छता व्यवस्था और सीवर परियोजना की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
चित्रकूट में चल रही करीब 2800 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की रीवा संभागायुक्त ने समीक्षा की। धार्मिक, पर्यटन और अधोसंरचना विकास से जुड़े कार्यों को मार्च 2026 तक गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए, साथ ही साप्ताहिक मॉनिटरिंग और रेड जोन व्यवस्था लागू होगी।
चित्रकूट की पवित्र मंदाकिनी नदी, जहाँ प्रभु श्रीराम ने वनवास काल बिताया, आज अतिक्रमण और प्रदूषण से कराह रही है। एनजीटी के निर्देशों के बावजूद प्रशासनिक लापरवाही और अवैध निर्माण से मंदाकिनी का अस्तित्व खतरे में है। संत समाज नाराज है और संरक्षण की मांग उठा रहा है।
सतना जिले में लगातार बारिश से ग्रामीण इलाके जलमग्न हो गए हैं। चित्रकूट की मां मंदाकिनी नदी उफान पर है और गुप्त गोदावरी में पानी भरने से गेट बंद कर दिए गए। रामनगर क्षेत्र में भारी बारिश के चलते बाणसागर डैम के 10 गेट खोले गए हैं।
चित्रकूट में भारी बारिश से मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक 5 फीट तक बढ़ा, नावें बह गईं और दुकानों में घुसा पानी। प्रशासन अलर्ट पर, प्रमोद वन और सीएम आश्रय स्थल में राहत शिविर तैयार। नाविकों की रोज़ी-रोटी पर संकट, मुआवज़े की मांग। रसूखदारों के अतिक्रमण भी हटाए गए। जानिए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट।






















